Thursday, September 3, 2015

इन प्रदर्शनों में राजनीतिक बू आ रही है और डेल्टा (DELTA) इस राजनीतिक नौटंकी से दूर रहेगी

कुछ शिक्षक संगठनों का एक संयुक्त मंच बनाने का प्रयास शुरू करना होगा
जो अभी GSTA के आजाद पैनल से अलग हैं...
इसकी बहुत बड़ी आवश्यकता निकट भविष्य में ही पड़ने वाली है
वेतन विसंगति के मुद्दे पर आजाद पैनल को सफलता मिलने की संभावना बहुत ही कम लगती है.. ...
इसपर अन्य संगठन ...शिक्षक हित में कैसे आगे बढ़ें ....इसपर विचार शुरू होना चाहिए
चूँकि वेतन विसंगति ही मुख्य समस्या है
जिसका निराकरण करना ही होगा

इस माँग को कैसे पूरा कराया जाय.
रास्ते क्या हों
यह महत्वपूर्ण है

आजाद पैनल भाजपा समर्थित पैनल है और कभी भी भाजपा के विरुद्ध नहीं जायेगा
और यह संगठन उसी तरह भाजपा की गोद में बैठ गया है
जिस तरह पिछला संगठन काँग्रेस के तलवे चाटता था
हम डेल्टा (DELTA) के लोगों की सोच बिलकुल स्पष्ट है
आजाद पैनल भले ही भाजपा समर्थित संगठन है पर इसे भाजपा के मंत्रियों और इसके नेताओं से एक सुरक्षित दूरी रखनी होगी
इसके नेता केवल भाजपा नेताओं के साथ फोटो खिंचवा कर फेसबुक पर डालने में व्यस्त हैं
शिक्षक फिर ठगा हुआ महसूस कर रहा है

हमारा पूर्ण विश्वास है
राजनीतिक रूप से तटस्थ संगठन ही शिक्षकों का भला कर सकता है
शिक्षकों का भला केवल शिक्षक कर सकते हैं
वे शिक्षक नेता तो कदापि नहीं जिनका उद्देश्य आगामी नगर निगम चुनाव में टिकट लेना है

इन प्रदर्शनों में राजनीतिक बू आ रही है
और डेल्टा (DELTA) इस राजनीतिक नौटंकी से दूर रहेगी

No comments: