Wednesday, November 26, 2014

बच्चों को दंड देने के लिए उनसे स्कूलों में सफाई करवाने की मानसिकता का हम विरोध करते हैं

स्वच्छ भारत के नाम पर प्रधानमंत्री ने अच्छी भावना से काम शुरू किया था
पर अब इस अभियान के नाम पर स्कूलों में बच्चों का शोषण शुरू हो गया है
दण्ड के नाम पर कुछ स्कूलों में उनसे झाड़ू लगवाई जा रही है
शौचालय तक साफ करवाये जा रहे हैं ...
लेट आने पर उनसे स्कूल कैम्पस में कूड़ा चुनवाया जा रहा है

और तो और
ऐसे भी तानाशाह प्रिन्सिपल हैं जिन्होंने आठवाँ पीरियड ही सफाई के लिए रिजर्व कर दिया है
शिक्षकों को अब आठवें पीरियड में सफाई करवानी पड़ रही है
परन्तु एक बात समझ में नहीं आती
इन प्रिंसिपलों को हिम्मत क्यों नहीं है कि उन सैनिटेशन एजेंसियों के विरुद्ध लिखना तो दूर दो शब्द भी नहीं बोल सकते
जो सफाई करने के लिए ही मोटा पैसा ले रही हैं
जिनको झाड़ू ही नहीं पोछा तक लगाना है
कहीं कमीशन की बन्दर बाँट तो नहीं
जिसके कारण मुँह बंद है

अगर आपकी जानकारी में ऐसे स्कूल हैं
जहाँ बच्चे ही सैनिटेशन एजेंसी का काम कर रहे हैं
तो कृपया सूचना देने की कृपा करें

बच्चों को दंड देने के लिए उनसे स्कूलों में सफाई करवाने की मानसिकता का हम विरोध करते हैं

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